समस्याओं से मुक्ति का अचूक उपाय है बजरंग बाण

hanuman_ji_145561261687_650_021616022133हनुमान जी की आराधना शीघ्र फल प्रदान करने वाली है। साथ ही बजरंग बली की पूजा में नियम, संयम का पालन करना बहुत जरूरी होता है। इसलिए हनुमान जी की अराधना करने में किसी भी प्रकार का दुर्व्यसन न करें। संकट को हरने वाले हनुमान जी का एक रूप है वज्र का। वज्र रूप वाले हनुमान जी को बजरंगबली कहा जाता है। बजरंगबली को प्रसन्न करने के लिए बजरंग बाण का पाठ किया जाता है।
हनुमान जी की आराधना शीघ्र फल प्रदान करने वाली है। साथ ही बजरंग बली की पूजा में नियम, संयम का पालन करना बहुत जरूरी होता है। इसलिए हनुमान जी की अराधना करने में किसी भी प्रकार का दुर्व्यसन न करें। संकट को हरने वाले हनुमान जी का एक रूप है वज्र का। वज्र रूप वाले हनुमान जी को बजरंगबली कहा जाता है। बजरंगबली को प्रसन्न करने के लिए बजरंग बाण का पाठ किया जाता है।

कैसे करें बजरंग बाण का पाठ

यदि व्यक्ति नित्य पाठ करने में असमर्थ हो,उन्हें कम से कम प्रत्येक मंगलवार को यह पाठ अवश्य करना चाहिए। बजरंग बाण का नियमित पाठ किसी भी व्यक्ति के जीवन में व्याप्त सम्पूर्ण कष्ट हरने में सक्षम है। जो बच्चे कमजोर हैं, डर लगता हो उन्हें बजरंग बाण का पाठ करवाना चाहिए। किसी योग्य सदाचारी ब्राह्मण आचार्य के निर्देशों पर किसी भी कार्य की सिद्धि हेतु शुक्ल पक्ष के प्रथम मंगलवार से प्रारंभ कर चालीस दिन इसका अनुष्ठान कर सकते हैं। साधना काल में कठोर ब्रह्मचर्य का पालन करें व लाल वस्त्र धारण करें। तथा बैठने हेतु ऊनी अथवा कुश के आसन का प्रयोग करें। सर्वप्रथम श्रीराम दरबार का एक चित्र या मूर्ति लाल वस्त्र पर अपने समक्ष स्थापित करें।बजरंग बाण का पाठ करने के लाभ यदि आप शत्रुओं व विरोधियों से बहुत परेशान हैं तो प्रत्येक मंगलवार को 11 बार बजरंग बाण का पाठ करें। बजरंग बाण का नियमित पाठ करने से आत्म-विश्वास व साहस में वृद्धि होती है।
अगर हर कार्य में रुकावटें हों तो शनिवार के दिन 21 बार बजरंग बाण का पाठ करने से फायदा होता है। अगर आप साक्षात्कार देने जा रहे है तो 5 बार बजरंग बाण का पाठ करके जाइये सफलता मिलेगी। यदि व्यापार में हानि हो रही है तो अपने व्यापार स्थल पर लगातार 8 मंगलवार बजरंग बाण का पाठ करें या किसी योग्य पंडित से कराएं।

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