बालदिवस विशेष : रक्सौल डेली न्यूज़ पोर्ट

बाल दिवस केवल एक दिन स्कूलो में मना लेने से इस त्1478851798-4049 copyयौहार का उद्देश्य पूरा नही हो जाता है . आज भी हमारे देश में बालमजदूरी जैसे जघन्य अपराध होते रहते है . जिस उम्र में बच्चो के हाथ में किताबे होनी चाहिए उस उम्र में इन बच्चो को आर्थिक कमजोरी के चलते इन्हें काम करने पर मजबूर कर दिया जाता है. जिसके चलते इनके जीवन में पढाई का कोई महत्व नही रह जाता है .ऐसे में अगर बच्चे पढ़ लिख न सके तो एक विकसित राष्ट्र कासपना भी अधुरा ही रह जाएगा . ऐसे में जनता को भी जागरूक होना पड़ेगा नहीं तो विकसित राष्ट्र का सपना सपना ही रह जाएगा ऐसे में बस यही प्रश्न उठता है कि बच्चो को बालमजदूरी से बचाने के लिए सख्त कानून का निर्माण किया जाय और पूरी सख्ती से इसे लागू भी किया जाय तथा बच्चो के पढाई के खर्चो को भारतीय सरकारों को एक सीमा तक खुद उठाना चाहिए तभी हम एक विकसित राष्ट्र का सपना देख सकते है और तभी बाल दिवस मनाने का उद्देश्य भी पूरा होगा

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