जान हथेली पर लेकर सफर करने को मजबूर है लोग

023

एनएचए आई द्वारा निर्माण कार्य का तीसरा एक्सटेंशन 30 जून 2017 तक दिया गया था और इस समय सीमा के भीतर तांतिया कंस्ट्रक्शन लिमिटेड द्वारा कम से कम 53 किमी सड़क निर्माण कार्य पूरा किया जाना था जो पूरा नहीं हुआ। अभी यहां मानसून की शुरुआत में ही हालात बेकाबू हो गए हैं। दिल्ली से काठमांडू को जोड़ने वाली इस लाइफ लाइन के बंद होने की नौबत आ गई है। सड़क पर कच्चे मेटेरियल को डालकर छोड़ दिए जाने से पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है। जगह जगह बने विशालकाय गढ्ढ़ों के दलदल में गाड़ियां फंस रही हैं। जहां डायवर्सन बने हैं वहां की स्थिति जानलेवा बनी हुई है। रक्सौल से तीन चार किमी तक ट्रकों और अन्य छोटी बड़ी गाड़ियों का जाम लगा रहता है। लोग जान हथेली पर लेकर सफर करने को मजबूर हैं। सड़क की यह दुर्दशा पूरी व्यवस्था पर प्रश्नचिह्न खड़ा कर रही है। लोग सड़क पर प्रदर्शन कर रहे हैं। कहीं सड़क पर लोग धान की रोपनी करते हुए नजर आ रहे हैं तो कहीं सड़क के गढ्ढों में मछली पकड़ रहे हैं। रक्सौल से सगौली के बीच कई जगहों पर अफरातफरी की स्थिति बनी हुई है। इसी संबंध में समाजसेवी डा. स्वयंभू शलभ ने पीएमओ को  सड़क की वस्तुस्थिति से अवगत कराते हुए तत्काल संज्ञान लेने की अपील की है। की  जब केंद्र सरकार और सड़क, परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय इस मामले को लेकर गंभीर है तो फिर समस्या कहां है और 30 जून की समय सीमा समाप्त होने के बाद भी संबंधित मंत्रालय तथा एनएचएआई कोई ठोस कदम क्यों नहीं उठा रही है .

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may use these HTML tags and attributes: <a href="" title=""> <abbr title=""> <acronym title=""> <b> <blockquote cite=""> <cite> <code> <del datetime=""> <em> <i> <q cite=""> <s> <strike> <strong>